तुम्हे खेलना है, खेलो .
छुपना है, छुपो .
छुपो खेलो, खेलो छुपो।
तुम कबीर के दोहों में छुपकर रहना
तुम कुमार की आवाज़ में खो कर रहना
बुलंद इमारत के रास्ते, बरगद के पीछे रहना
मेरी कविता की तुम उपज हो
इन में तुम बसकर रहना .
मैं तुम्हे ढून्ढ लूँगा हरकभी
इन जगहों पर
मेरा आना जाना बना रहता है .
छुपना है, छुपो .
छुपो खेलो, खेलो छुपो।
तुम कबीर के दोहों में छुपकर रहना
तुम कुमार की आवाज़ में खो कर रहना
बुलंद इमारत के रास्ते, बरगद के पीछे रहना
मेरी कविता की तुम उपज हो
इन में तुम बसकर रहना .
मैं तुम्हे ढून्ढ लूँगा हरकभी
इन जगहों पर
मेरा आना जाना बना रहता है .


