स्वप्न सखी
कृष्ण पगथली या
कवच प्रकांड ।
हिम स्खलित , स्नेह स्मित,
प्रेम स्पर्श , ज्वलित अंगार।
तेजस्विनी , द्युति किरण ,
सुमुखी, सुकृति,
सुप्रिया, बसंत - बहार।
Friday, August 14, 2009
स्वपन - सखी ३, swapna sakhi 3
स्वपन सखी
कौन हो तुम ?
हरि बांसुरी, प्रज्ञा वीणा,
या कुमार आलाप ।
बताओ न कौन हो
सुर कविता, कबीर पद
या मीरा प्रेमालाप ।
आतुर हूँ , बता भी दो
आदित्य किरण, शशि किलोल
स्वमुख विभा ह्रदय - पाश ।
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