तेरे सितम, अब हद से गुज़र गए
तू गुज़र न गुज़र, हम तो गुज़र गए.
क्या करें शिकवा तेरी बेरुखी का,
सितमगार तो गुज़रे, आशना - ए - दिल
भी गुज़र गए.
जो बेहासिल थे, वो हुए फ़ना जीते जी,
जिन्हे हासिल था जहाँ, वो भी गुज़र गए.
क्या इल्म - ए - आदम, क्या खुदा की कुरान,
वक़्त बदला, तो मानी बदल गए.


