Friday, August 14, 2009

स्वप्न - सखी २, swapna sakhi 2

स्वप्न सखी
कृष्ण पगथली या
कवच प्रकांड ।
हिम स्खलित , स्नेह स्मित,
प्रेम स्पर्श , ज्वलित अंगार।
तेजस्विनी , द्युति किरण ,
सुमुखी, सुकृति,
सुप्रिया, बसंत - बहार।

No comments:

Post a Comment