लड़की तुम जिद्दी हो
मॉल में मिटटी के खिलोने नहीं मिलते
तुम्हे कैसे दिलवाऊं।
कहो तो कुछ कुम्हार बुलवाऊं ।
लड़की तुम जिद्दी हो
लड़की तुम परी नहीं लड़की हो
नंगे पैर चाँद पर कैसे ले जाऊं
कहो तो कोई चमार कुछ मोची बुलवाऊं ।
लड़की तुम जिद्दी हो
फटेहाल बदरंग
जश्न में कैसे ले जाऊं
कहो तो कोई बुनकर , रंगरजिया बुलवाऊं ।
लड़की तुम जिद्दी हो
कुबेर के दरवाजे
खाली हाथों नहीं टूटते
कहो तो कोई बढ़ई कुछ लुहार बुलवाऊं
कहो तो कुछ लुहार बुलवाऊं ।
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